नमस्ते सिविल इंजीनियर दोस्तों! क्या आप भी अपने करियर में तरक्की के नए रास्ते खोज रहे हैं? आज के तेजी से बदलते दौर में सिर्फ कड़ी मेहनत ही काफी नहीं, बल्कि सही लोगों से जुड़ना और एक मजबूत नेटवर्क बनाना भी उतना ही जरूरी हो गया है। मैंने अपने अनुभव से देखा है कि कैसे एक अच्छा नेटवर्क अनगिनत अवसरों के द्वार खोल देता है, चाहे वह नई नौकरी हो, कोई बड़ा प्रोजेक्ट या फिर ज्ञान का आदान-प्रदान। खासकर जब तकनीकी विकास हर दिन नई चुनौतियाँ ला रहा है, तब एक दूसरे का साथ और समर्थन हमें आगे बढ़ने में मदद करता है। अपने फील्ड के दिग्गजों से जुड़ने से लेकर नए ट्रेंड्स को समझने तक, नेटवर्क ही सफलता की सीढ़ी है। तो फिर, देर किस बात की?
आइए, इस बारे में सटीक जानकारी प्राप्त करते हैं और अपने करियर को एक नई दिशा देते हैं!
नेटवर्क बनाने की कला: शुरुआत कहाँ से करें?

ऑनलाइन मंचों का सही इस्तेमाल
सच कहूं तो, आज की दुनिया में ऑनलाइन नेटवर्किंग एक वरदान से कम नहीं है! मैंने खुद देखा है कि कैसे एक छोटा सा कमेंट या मैसेज भी बड़े अवसरों के दरवाजे खोल सकता है। लिंक्डइन (LinkedIn), विभिन्न प्रोफेशनल फ़ोरम और सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े फेसबुक ग्रुप्स – ये सभी ऐसे मंच हैं जहाँ आप अपनी पहचान बना सकते हैं। बस इतना ध्यान रखें कि सिर्फ़ अपनी प्रोफ़ाइल बनाकर छोड़ देना काफ़ी नहीं है, आपको सक्रिय रहना होगा। दूसरे लोगों की पोस्ट्स पर सार्थक कमेंट्स करें, अपनी राय दें, और सवालों के जवाब दें। जब आप ऐसा करते हैं, तो लोग आपको नोटिस करना शुरू करते हैं। मुझे याद है, एक बार मैंने एक बड़े प्रोजेक्ट पर अपनी राय दी थी, और यकीन मानिए, उसी वजह से मुझे एक अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में बोलने का मौका मिला!
यह अनुभव वाकई शानदार था। ऑनलाइन मंच सिर्फ़ जानकारी साझा करने के लिए नहीं, बल्कि एक-दूसरे से सीखने और अपने क्षितिज को व्यापक बनाने के लिए भी हैं। यहाँ आप दुनिया के किसी भी कोने से बैठे अपने क्षेत्र के विशेषज्ञों से जुड़ सकते हैं और उनसे नई चीजें सीख सकते हैं।
ऑफ़लाइन आयोजनों में सक्रिय भागीदारी
ऑनलाइन दुनिया अपनी जगह है, लेकिन इंसान से इंसान का सीधा संपर्क आज भी बेहद ज़रूरी है। सेमिनार, वर्कशॉप, कॉन्फ़्रेंस और यहाँ तक कि स्थानीय मीटअप्स – ये सभी ऑफ़लाइन नेटवर्किंग के बेहतरीन तरीके हैं। मुझे हमेशा लगता है कि इन आयोजनों में जाकर जो ऊर्जा और जुड़ाव महसूस होता है, वह कहीं और नहीं मिलता। वहाँ आप न सिर्फ़ अपने क्षेत्र के दिग्गजों से मिल पाते हैं, बल्कि नए लोगों से भी घुल-मिलकर अपने नेटवर्क को मजबूत कर सकते हैं। जब आप व्यक्तिगत रूप से किसी से मिलते हैं, तो बातचीत में एक अलग ही गहराई आ जाती है। आप उनके अनुभवों से सीख सकते हैं, अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं और भविष्य के सहयोग के लिए बीज बो सकते हैं। बस इतना ध्यान रखें कि वहाँ जाकर सिर्फ़ अपने कार्ड बांटने पर ध्यान न दें, बल्कि असली संबंध बनाने की कोशिश करें। मैंने खुद कई बार देखा है कि एक कॉफी ब्रेक पर हुई छोटी सी बातचीत ने कैसे करियर को एक नई दिशा दे दी है। इन आयोजनों में जाते समय हमेशा खुले दिमाग से जाएं और सीखने के लिए तैयार रहें।
मजबूत संबंधों की नींव कैसे रखें?
सुनने का महत्व और सवालों की शक्ति
नेटवर्किंग का मतलब सिर्फ़ अपनी बात कहना नहीं होता, बल्कि दूसरों को ध्यान से सुनना भी उतना ही ज़रूरी है। जब आप किसी से बात कर रहे हों, तो उसे पूरा मौका दें कि वह अपनी बात रख सके। उसकी बातों में दिलचस्पी दिखाएं, सवाल पूछें और समझने की कोशिश करें कि वे क्या कहना चाहते हैं। यकीन मानिए, एक अच्छा श्रोता हमेशा एक अच्छा नेटवर्कर बनता है। मुझे याद है, मेरे एक सीनियर ने मुझे हमेशा सिखाया था कि “अगर तुम किसी के काम में सच्ची दिलचस्पी दिखाते हो, तो वह तुम्हें कभी नहीं भूलेगा।” यह सलाह मेरे लिए सोने से भी ज्यादा कीमती साबित हुई है। जब आप दूसरों को सुनते हैं, तो आप उनकी चुनौतियों, उनकी सफलताओं और उनके अनुभवों को समझते हैं। यह समझ आपको उनके साथ एक मजबूत और वास्तविक संबंध बनाने में मदद करती है। सही सवाल पूछना भी एक कला है; इससे पता चलता है कि आप सिर्फ़ खानापूर्ति नहीं कर रहे, बल्कि वाकई में सामने वाले को समझना चाहते हैं।
मूल्यवान योगदान दें, सिर्फ़ मांगें नहीं
नेटवर्किंग एक दोतरफ़ा रास्ता है। अगर आप सिर्फ़ अपने फ़ायदे के लिए लोगों से जुड़ेंगे और उनसे कुछ मांगने की उम्मीद रखेंगे, तो ये रिश्ते ज्यादा समय तक नहीं टिकेंगे। इसके बजाय, यह सोचें कि आप दूसरों के लिए क्या कर सकते हैं। शायद आप किसी को किसी प्रोजेक्ट में मदद कर सकते हैं, कोई उपयोगी जानकारी साझा कर सकते हैं, या उन्हें किसी ऐसे व्यक्ति से जोड़ सकते हैं जिससे उन्हें फ़ायदा हो। जब आप दूसरों को मूल्य देते हैं, तो वे आपको याद रखते हैं और बदले में आपकी मदद करने को तैयार रहते हैं। मैंने अपने करियर में कई बार देखा है कि जब मैंने बिना किसी उम्मीद के किसी की मदद की है, तो वही मदद घूम-फिरकर किसी न किसी रूप में मेरे पास वापस आई है। यह विश्वास और आपसी सम्मान पर आधारित एक संबंध बनाता है। किसी भी रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए देने की भावना बहुत ज़रूरी है।
डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान कैसे बनाएं?
लिंक्डइन – आपका पेशेवर प्रोफाइल
आज के दौर में, लिंक्डइन (LinkedIn) सिर्फ़ एक ऑनलाइन रेज़्यूमे नहीं है, बल्कि यह आपकी पेशेवर पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आपकी लिंक्डइन प्रोफ़ाइल जितनी मजबूत और विस्तृत होगी, उतने ही ज़्यादा लोग आपको ढूंढ पाएंगे और आपसे जुड़ना चाहेंगे। अपनी प्रोफ़ाइल को हमेशा अपडेटेड रखें, अपने प्रोजेक्ट्स, स्किल्स और अचीवमेंट्स को विस्तार से लिखें। एक अच्छी प्रोफ़ाइल लोगों को यह समझने में मदद करती है कि आप कौन हैं और आप क्या करते हैं। मेरे एक दोस्त ने अपनी लिंक्डइन प्रोफ़ाइल पर अपने सबसे चुनौतीपूर्ण प्रोजेक्ट्स का केस स्टडी पोस्ट किया था, और उसे उसी के चलते एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी से जॉब ऑफर मिला था। यह सिर्फ़ एक उदाहरण है कि कैसे एक अच्छी तरह से तैयार की गई प्रोफ़ाइल चमत्कार कर सकती है। साथ ही, अपने नेटवर्क से एंडोर्समेंट और रेकमेंडेशन लेना न भूलें, क्योंकि ये आपकी विश्वसनीयता को बढ़ाते हैं।
अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन करें
सिर्फ़ अच्छी प्रोफ़ाइल बनाना ही काफ़ी नहीं है, आपको अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन भी करना होगा। लिंक्डइन पर पोस्ट्स लिखें, अपने विचार साझा करें, उद्योग से जुड़े लेखों पर अपनी राय दें। जब आप नियमित रूप से अपनी विशेषज्ञता को दर्शाते हैं, तो लोग आपको उस क्षेत्र के एक विशेषज्ञ के रूप में देखना शुरू करते हैं। इससे आपकी अथॉरिटी और विश्वसनीयता बढ़ती है। मुझे याद है, एक बार मैंने एक नए निर्माण तकनीक पर अपनी रिसर्च के बारे में एक पोस्ट लिखी थी, और उस पर मुझे बहुत सारे सवाल और कमेंट्स मिले थे। इससे न केवल मेरी नॉलेज बढ़ी, बल्कि मुझे नए कनेक्शन भी मिले जो उस विषय में रुचि रखते थे। अपनी नॉलेज को दूसरों के साथ साझा करने से आप सिर्फ़ अपनी पहचान ही नहीं बनाते, बल्कि उद्योग में भी योगदान देते हैं।
नेटवर्किंग से मिलने वाले अद्भुत फायदे
नए अवसर और करियर में उछाल
नेटवर्किंग सिर्फ़ नौकरी ढूंढने का एक तरीका नहीं है; यह करियर में लगातार नए अवसर पैदा करने का एक शक्तिशाली माध्यम है। जब आपका नेटवर्क मजबूत होता है, तो आपके पास नई परियोजनाओं, उच्च-पद की नौकरियों और सहयोगी अवसरों के बारे में जानकारी सबसे पहले पहुँचती है। कई बार तो ऐसे अवसर भी मिलते हैं जिनके बारे में आपने सोचा भी नहीं होगा। मैंने अपने अनुभव से देखा है कि कई बेहतरीन नौकरियां या बड़े प्रोजेक्ट्स कभी विज्ञापित नहीं होते, बल्कि वे “वर्ड ऑफ माउथ” या किसी के रेकमेंडेशन के जरिए ही मिलते हैं। जब लोग आपको जानते हैं, आपकी क्षमताओं पर भरोसा करते हैं, तो वे आपको अवसरों के बारे में बताते हैं। यह आपके करियर को एक अविश्वसनीय उछाल दे सकता है, जिससे आप ऐसे मुकाम तक पहुँच सकते हैं जहाँ सिर्फ़ मेहनत से पहुँचना मुश्किल होता है।
ज्ञान और अनुभव का अटूट संगम

नेटवर्किंग का एक और बड़ा फ़ायदा है ज्ञान का आदान-प्रदान। सिविल इंजीनियरिंग जैसे गतिशील क्षेत्र में, जहाँ तकनीकें और नियम लगातार बदलते रहते हैं, अपडेटेड रहना बहुत ज़रूरी है। अपने नेटवर्क के माध्यम से, आप विभिन्न विशेषज्ञों से नवीनतम रुझानों, बेस्ट प्रैक्टिसेस और नई तकनीकों के बारे में सीख सकते हैं। मुझे याद है, एक बार मैं एक खास तरह की कंक्रीट मिक्स डिजाइन को लेकर परेशान था, और मेरे नेटवर्क के एक सीनियर इंजीनियर ने मुझे कुछ बेहतरीन टिप्स दिए जिससे मेरा काम आसान हो गया। यह अनुभव अमूल्य था। आप दूसरों की गलतियों से सीख सकते हैं और अपनी समस्याओं के लिए नए दृष्टिकोण पा सकते हैं। यह एक ऐसा संगम है जहाँ हर कोई एक-दूसरे से सीखकर आगे बढ़ता है।
नेटवर्किंग की गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए
सिर्फ़ अपनी बात कहना
मुझे लगता है कि नेटवर्किंग में सबसे बड़ी गलती यही होती है कि लोग सिर्फ़ अपनी बात कहने पर ध्यान देते हैं। वे दूसरों की सुनना ही भूल जाते हैं। जब आप किसी नेटवर्किंग इवेंट में जाते हैं या किसी से ऑनलाइन जुड़ते हैं, तो उनका पूरा ध्यान अपनी ज़रूरतों, अपनी उपलब्धियों और अपने प्रोजेक्ट्स पर ही होता है। ऐसा करने से सामने वाला व्यक्ति आपसे जुड़ाव महसूस नहीं कर पाता और बातचीत बोरिंग हो जाती है। मैंने खुद कई बार ऐसे लोगों से मुलाकात की है जो बस अपना “पिच” देने में लगे रहते हैं, और सच कहूं तो, ऐसे लोगों से दोबारा मिलने का मन नहीं करता। नेटवर्किंग एक बातचीत है, न कि एक मोनोलॉग। आपको सामने वाले की भी उतनी ही दिलचस्पी लेनी चाहिए जितनी आप अपनी चाहते हैं।
रिश्तों को बनाए रखने में लापरवाही
नेटवर्क बनाना तो एक बात है, लेकिन उसे बनाए रखना दूसरी बात है। कई लोग बहुत उत्साह से नए लोगों से जुड़ते हैं, लेकिन फिर उनसे संपर्क बनाए रखने में लापरवाही कर देते हैं। एक बार किसी से मिलने या जुड़ने के बाद, उनसे नियमित रूप से संपर्क में रहना बहुत ज़रूरी है। ऐसा नहीं है कि आप उन्हें हर दूसरे दिन मैसेज करें, लेकिन समय-समय पर एक ईमेल या लिंक्डइन मैसेज, किसी पोस्ट पर कमेंट या कोई उपयोगी जानकारी साझा करना बहुत मायने रखता है। मैंने अपने शुरुआती दिनों में यह गलती की थी, और मुझे एहसास हुआ कि इससे मेरे कई अच्छे कनेक्शन कमजोर पड़ गए। एक संबंध को पोषित करने में समय और थोड़ी सी कोशिश लगती है, ठीक वैसे ही जैसे किसी पौधे को पानी देने में।
| नेटवर्किंग के तरीके | उदाहरण | मुख्य लाभ |
|---|---|---|
| ऑनलाइन मंच | लिंक्डइन, प्रोफेशनल फ़ोरम | विश्वव्यापी पहुंच, सूचना का तेज़ आदान-प्रदान |
| ऑफलाइन आयोजन | सेमिनार, कॉन्फ़्रेंस, वर्कशॉप | व्यक्तिगत जुड़ाव, प्रत्यक्ष संपर्क |
| मेंटरशिप कार्यक्रम | उद्योग के दिग्गजों से सीखना | करियर मार्गदर्शन, अनुभव का लाभ |
| स्वयंसेवी कार्य | सामुदायिक परियोजनाएं | नए लोगों से मिलना, व्यावहारिक अनुभव |
अपने नेटवर्क को कैसे पोषित करें और बनाए रखें?
नियमित संपर्क और सार्थक बातचीत
नेटवर्क को मजबूत रखने के लिए नियमित संपर्क बनाए रखना उतना ही ज़रूरी है जितना कि उसे बनाना। इसका मतलब यह नहीं है कि आपको हर दिन अपने नेटवर्क के हर सदस्य से बात करनी है, लेकिन समय-समय पर उनसे जुड़ना चाहिए। आप उन्हें किसी नए उद्योग ट्रेंड के बारे में एक लेख भेज सकते हैं, या किसी प्रोजेक्ट पर उनकी राय मांग सकते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि आपकी बातचीत सार्थक हो और सिर्फ़ फ़ॉर्मेलिटी न हो। मुझे याद है, एक बार मेरे एक पुराने कॉलेज फ्रेंड ने मुझे एक किताब की सिफारिश की थी जो मेरे मौजूदा प्रोजेक्ट से बहुत प्रासंगिक थी। इस छोटी सी बात ने हमारे संबंध को और मजबूत किया। ऐसे छोटे-छोटे इशारे ही रिश्तों को जीवंत रखते हैं और आपको एक विश्वसनीय संपर्क के रूप में स्थापित करते हैं।
छोटी-छोटी बातें, बड़ा असर
यह अक्सर कहा जाता है कि छोटी-छोटी बातें ही सबसे ज़्यादा मायने रखती हैं, और नेटवर्किंग में यह बिल्कुल सच है। किसी की सालगिरह पर बधाई देना, किसी की नई उपलब्धि पर उन्हें बधाई देना, या किसी की पोस्ट पर एक विचारशील कमेंट करना – ये सभी छोटे-छोटे कार्य हैं जो बड़ा असर डालते हैं। ये दिखाते हैं कि आप उनकी परवाह करते हैं और उन्हें याद रखते हैं। मैंने खुद देखा है कि जब मैंने किसी से सिर्फ़ इसलिए संपर्क किया क्योंकि मुझे उनके काम का एक छोटा सा पहलू पसंद आया था, तो उन्होंने मुझे बहुत सराहना दी। ये बातें सिर्फ़ पेशेवर नहीं होतीं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी एक जुड़ाव पैदा करती हैं जो आपके नेटवर्क को एक मज़बूत आधार देता है। यह अहसास कि आप सिर्फ़ एक और नाम नहीं हैं, बल्कि एक ऐसे व्यक्ति हैं जो वाकई में संबंध बनाने में विश्वास रखते हैं, आपके लिए चमत्कार कर सकता है।
글 को समाप्त करते हुए
नेटवर्किंग सिर्फ़ प्रोफेशनल ग्रोथ के लिए ही नहीं, बल्कि एक खुशहाल और समृद्ध जीवन के लिए भी बहुत ज़रूरी है। यह आपको नई सोच, नए आइडिया और नए दोस्त देता है। मुझे उम्मीद है कि इस पोस्ट से आपको यह समझने में मदद मिली होगी कि अपने नेटवर्क को कैसे मजबूत बनाएं और इसके अनगिनत फ़ायदों का लाभ कैसे उठाएं। याद रखें, हर छोटा प्रयास एक बड़ा बदलाव ला सकता है, और हर नया कनेक्शन एक नया दरवाज़ा खोल सकता है। तो देर किस बात की, आज से ही अपने नेटवर्क को पोषित करना शुरू कर दें!
जानने योग्य उपयोगी जानकारी
1. नेटवर्किंग को सिर्फ़ एक काम न समझें, बल्कि इसे लोगों से जुड़ने और सीखने का एक अवसर मानें।
2. हमेशा याद रखें कि रिश्ते सिर्फ़ लेने-देने पर आधारित नहीं होते, बल्कि विश्वास और सम्मान पर टिके होते हैं।
3. अपनी ऑनलाइन उपस्थिति (खासकर लिंक्डइन पर) को हमेशा अपडेट और प्रोफेशनल रखें, यह आपकी पहली छाप होती है।
4. सक्रिय श्रोता बनें और सवाल पूछकर सामने वाले में सच्ची दिलचस्पी दिखाएं, इससे मजबूत संबंध बनते हैं।
5. अपने नेटवर्क को बनाए रखने के लिए समय-समय पर संपर्क में रहें, चाहे वह एक छोटा सा मैसेज ही क्यों न हो।
महत्वपूर्ण बातों का सारांश
मुझे अपनी यात्रा में यह स्पष्ट हो गया है कि नेटवर्किंग सिर्फ़ एक “टू-डू” सूची का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह आपके करियर और व्यक्तिगत जीवन दोनों के लिए एक जीवन रेखा है। मैंने खुद देखा है कि कैसे एक सही कनेक्शन ने मुझे उन रास्तों पर धकेल दिया जिनकी मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। चाहे वह ऑनलाइन हो या ऑफ़लाइन, सक्रिय रहना और दूसरों के साथ सार्थक रूप से जुड़ना अत्यंत महत्वपूर्ण है। अपनी विशेषज्ञता को साझा करें, दूसरों की बातें ध्यान से सुनें, और सबसे महत्वपूर्ण, मूल्यवान योगदान देने पर ध्यान केंद्रित करें। सिर्फ़ कुछ मांगने के बजाय, यह सोचें कि आप क्या दे सकते हैं। अपने रिश्तों को समय-समय पर पोषित करते रहें, क्योंकि यही छोटे-छोटे प्रयास एक मजबूत और स्थायी नेटवर्क की नींव रखते हैं। याद रखिए, यह एक मैराथन है, स्प्रिंट नहीं, इसलिए धैर्य और ईमानदारी के साथ अपने संबंधों को मजबूत करते रहें। यह आपकी सफलता की कुंजी है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) 📖
प्र: सिविल इंजीनियरिंग में नेटवर्किंग इतनी महत्वपूर्ण क्यों है? मुझे इससे क्या लाभ हो सकता है?
उ: मेरे प्यारे दोस्तों, मैंने खुद अपने करियर में अनुभव किया है कि सिविल इंजीनियरिंग में सिर्फ तकनीकी ज्ञान ही सब कुछ नहीं है। जब मैं अपने शुरुआती दिनों में था, तब मुझे लगा कि बस अच्छी डिग्री और मेहनत काफी है। लेकिन फिर मैंने देखा कि मेरे कुछ दोस्त जो नेटवर्क बनाने में मुझसे आगे थे, उन्हें कहीं ज्यादा बेहतर अवसर मिल रहे थे। असल में, नेटवर्किंग आपको न केवल नई नौकरी या बड़े प्रोजेक्ट्स के बारे में सबसे पहले जानकारी देती है, बल्कि यह आपको इंडस्ट्री के दिग्गजों से सीखने का मौका भी देती है। सोचिए, जब आप किसी कॉन्फ्रेंस में जाते हैं और किसी अनुभवी इंजीनियर से बात करते हैं, तो उनकी एक सलाह आपके सालों के संघर्ष को कम कर सकती है। मैंने देखा है कि अच्छे नेटवर्क वाले लोगों को अक्सर ऐसे प्रोजेक्ट्स मिलते हैं जो विज्ञापन में कभी नहीं आते। यह सिर्फ नौकरी पाने के लिए नहीं, बल्कि नए ट्रेंड्स को समझने, मुश्किलों में सलाह लेने और अपनी विशेषज्ञता बढ़ाने का भी एक शानदार तरीका है। इससे आपका आत्मविश्वास भी बढ़ता है और आप अपनी फील्ड में एक जाना-पहचाना चेहरा बन जाते हैं, जो मैंने अपने लिए सबसे बड़ी कमाई मानी है।
प्र: एक सिविल इंजीनियर के तौर पर मैं प्रभावी ढंग से अपना प्रोफेशनल नेटवर्क कैसे बना और बढ़ा सकता हूँ?
उ: यह सवाल तो हर किसी के मन में आता है, और मैं आपको अपने कुछ आजमाए हुए तरीके बताता हूँ! सबसे पहले, अपनी लोकल इंजीनियरिंग एसोसिएशन और प्रोफेशनल बॉडीज की मीटिंग्स में शामिल होना शुरू करें। मैंने देखा है कि इन जगहों पर ही आप अपने जैसे सोच वाले लोगों से मिलते हैं। सिर्फ बैठ कर सुनिए मत, बल्कि सक्रिय रूप से बातचीत करें। अपना बिजनेस कार्ड हमेशा तैयार रखें। दूसरा, लिंक्डइन (LinkedIn) जैसे प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म्स का पूरा इस्तेमाल करें। यह कोई सोशल मीडिया नहीं, बल्कि आपकी डिजिटल पहचान है। अपनी प्रोफाइल को अपडेट रखें, अपनी उपलब्धियां बताएं और अपने फील्ड के लोगों को कनेक्ट करें। सिर्फ कनेक्ट ही नहीं, उनके पोस्ट पर सार्थक कमेंट करें। तीसरा, सेमिनार, वर्कशॉप और वेबिनार में हिस्सा लें। वहां आपको नए कॉन्टैक्ट्स बनाने का सीधा मौका मिलता है और साथ ही आप कुछ नया भी सीखते हैं। चौथा, अपने कॉलेज के एलुमनी नेटवर्क का फायदा उठाएं। आपके सीनियर आपको बेहतरीन मार्गदर्शन और अवसर दे सकते हैं। मैं आपको एक व्यक्तिगत टिप दूंगा – कभी भी सिर्फ “लेने” के बारे में न सोचें, बल्कि “देने” के बारे में भी सोचें। किसी की मदद करें, जानकारी शेयर करें, और देखिए कैसे आपका नेटवर्क खुद-ब-खुद मजबूत होता चला जाएगा।
प्र: नेटवर्किंग इवेंट्स में जाते समय मुझे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि मेरा समय बर्बाद न हो और मुझे अधिकतम लाभ मिल सके?
उ: यह तो बहुत ही प्रैक्टिकल सवाल है और मैंने भी अपने कई इवेंट्स में यह गलती की है! तो सुनिए, सबसे पहले तो, किसी भी इवेंट में जाने से पहले थोड़ी रिसर्च ज़रूर करें। इवेंट का एजेंडा क्या है, कौन-कौन से मुख्य लोग आने वाले हैं, और आप उनसे क्या जानना चाहते हैं या उन्हें क्या बता सकते हैं – इसकी थोड़ी तैयारी कर लें। मैंने महसूस किया है कि जब मैं तैयारी करके जाता हूँ, तो मेरी बातचीत ज्यादा सार्थक होती है। दूसरा, सिर्फ अपने मतलब की बात न करें। सामने वाले की बात ध्यान से सुनें, उनकी कंपनी या प्रोजेक्ट्स के बारे में रुचि दिखाएं। लोगों को खुद के बारे में बात करना पसंद होता है!
तीसरा, अपने पास हमेशा कुछ बिजनेस कार्ड रखें, और उन्हें अच्छे से दें। चौथा, सिर्फ कॉन्टैक्ट्स इकट्ठा न करें, बल्कि कुछ गुणवत्तापूर्ण कनेक्शन बनाएं। इसका मतलब है कि इवेंट के बाद, जिन लोगों से आपकी अच्छी बात हुई है, उन्हें एक छोटा सा पर्सनलाइज्ड मैसेज भेजें, जैसे “आपसे मिलकर अच्छा लगा, उम्मीद है हम जल्द ही इस पर बात करेंगे”। पांचवां, अगर आप किसी से मदद चाहते हैं, तो स्पष्ट और विनम्र रहें। मैंने देखा है कि लोग दूसरों की मदद करना पसंद करते हैं, बस आपको सही तरीके से पूछना आना चाहिए। और हां, कभी भी जल्दबाजी न करें; अच्छा नेटवर्क धीरे-धीरे बनता है और उसे बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास की ज़रूरत होती है।






